उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। 2 जनवरी 2026 की रात, एक 6 साल की हंसती-खेलती बच्ची के साथ जो हुआ, उसे सुनकर हर किसी का खून खौल उठा है। इस आर्टिकल में हम आपको इस दर्दनाक घटना की पूरी सच्चाई और पुलिस की कार्रवाई के बारे में बताएंगे।
उस काली रात आखिर हुआ क्या था?
यह घटना 2 जनवरी 2026 की है। सिकंदराबाद कोतवाली के रजपुरा (Rajpura) गांव में एक परिवार किराए पर रहता था। यह परिवार मूल रूप से फिरोजाबाद का रहने वाला था और रोजगार की तलाश में यहां आया था।
शाम के करीब 7 बज रहे थे। बच्ची की मां घर में खाना बना रही थी और बच्ची बाहर खेल रही थी। थोड़ी देर बाद जब मां का ध्यान गया और उन्होंने बेटी को आवाज लगाई, तो कोई जवाब नहीं मिला। मां ने आसपास ढूंढा, बच्ची के दोस्तों से पूछा, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
तकरीबन 7:30 बजे, इमारत के पीछे से किसी चीज के गिरने की तेज आवाज आई। जब मां दौड़कर वहां पहुंची, तो देखा कि उनकी 6 साल की फूल सी बच्ची खून से लथपथ तड़प रही थी।
हॉस्पिटल में मौत और डॉक्टर का चौंकाने वाला खुलासा
रोते-बिलखते परिजन बच्ची को लेकर तुरंत सरकारी अस्पताल भागे। वे डॉक्टर के सामने गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्ची ने दम तोड़ दिया था।
लेकिन असली झटका तब लगा जब डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची सिर्फ छत से गिरी नहीं है, बल्कि उसके साथ दरिंदगी (Rape) हुई है। यह सुनते ही परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पुलिस का एक्शन और एनकाउंटर (Police Encounter)
जैसे ही घटना की सूचना पुलिस को मिली, इंस्पेक्टर अनिल कुमार शाही और सीओ भास्कर कुमार तुरंत हरकत में आ गए। पुलिस को शक उसी इमारत में रहने वाले दो युवकों पर हुआ।
पुलिस ने जब आरोपियों की घेराबंदी की, तो उन्होंने भागने की कोशिश में पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया। जवाब में पुलिस ने कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
कौन हैं वो दरिंदे?
पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान हुई:
राजू: (पिता- राधेश्याम), निवासी बलरामपुर, यूपी।
वीरू कश्यप: (पिता- रमेश कश्यप), निवासी लखीमपुर खीरी, यूपी।
ये दोनों शराब के नशे में धुत थे। उन्होंने कबूला कि बच्ची उन्हें 'अंकल' कहती थी और अक्सर उनके पास खेलने आती थी। हवस के अंधे इन दरिंदों ने पहले बच्ची के साथ गलत काम किया और फिर पकड़े जाने के डर से उसका गला घोंटकर उसे तीसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया।
बेहतर जिंदगी की तलाश में आया था परिवार
पीड़ित परिवार जून 2025 में ही फिरोजाबाद से सिकंदराबाद शिफ्ट हुआ था। पिता चूड़ी बनाने की मजदूरी करता था और सोचा था कि यहां रहकर परिवार को अच्छी जिंदगी देगा। लेकिन उन्हें क्या पता था कि पड़ोस में रहने वाले लोग ही उनकी बेटी के लिए काल बन जाएंगे।
निष्कर्ष: हमें क्या सबक मिलता है?
इस घटना के बाद पूरे इलाके में गुस्सा है। लोगों ने सड़क जाम कर इंसाफ की मांग की। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल कर आरोपियों को फांसी की सजा दिलाई जाएगी।
यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितने सतर्क हैं। जिसे बच्ची अपने पास का समझती थी, उसी ने धोखा दिया। इसलिए, अपने आसपास के माहौल और लोगों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
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नोट: यह लेख एक वीडियो रिपोर्ट और पुलिस द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है।




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